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दिव्या सक्सेना

दिव्या सक्सेना

सहायक प्रोफेसरआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस
biotech
जेनरेटिव मॉडल, फाउंडेशन मॉडल, मल्टीमॉडल लर्निंग, फेडरेटेड लर्निंग, कंटीन्यूअल लर्निंग
call
0291 280 1761

परिचय

डॉ. दिव्या सक्सेना इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी जोधपुर (IIT जोधपुर) में स्कूल ऑफ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उन्होंने 2017 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी रुड़की (IIT रुड़की) से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में Ph.D. की। अपनी डॉक्टरेट की पढ़ाई के बाद, उन्होंने 2018 से 2021 तक द हॉन्ग कॉन्ग पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी में पोस्टडॉक्टरल रिसर्च की, जहाँ उन्होंने बाद में 2021 से 2025 तक रिसर्च असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम किया।

उनकी रिसर्च जेनरेटिव AI, फाउंडेशन मॉडल्स, मल्टीमॉडल AI, फेडरेटेड लर्निंग और कंटीन्यूअल लर्निंग के मेल पर है, जिसका बड़ा लक्ष्य असल दुनिया के सीमित माहौल के लिए AI को आगे बढ़ाना है। मशीन इंटेलिजेंस लैब के ज़रिए, वह ऐसे इंटेलिजेंट सिस्टम बनाती हैं जो गैर-आदर्श हालात में सीख सकते हैं, ढल सकते हैं और सामान्य बना सकते हैं, जहाँ डेटा सीमित होता है, माहौल बदलता है, ज्ञान बंटा होता है, तौर-तरीके अलग-अलग होते हैं, और संसाधन सीमित होते हैं। उनके काम का मकसद AI में बुनियादी तरक्की को हेल्थकेयर और दूसरे हाई-इम्पैक्ट डोमेन सहित मुश्किल असल दुनिया की सेटिंग्स में सीखने की प्रैक्टिकल चुनौतियों से जोड़ना है। डॉ. सक्सेना ने NeurIPS, CVPR, AAAI, WACV, IEEE TPAMI, IEEE TNNLS, वगैरह जैसे टॉप-टियर जगहों पर पब्लिश किया है।

उनकी रिसर्च ऐसे AI सिस्टम बनाने की कोशिश करती है जो न सिर्फ मेथड के हिसाब से मजबूत हों, बल्कि प्रैक्टिस में भी मजबूत, एक्सेसिबल और असरदार हों। वह IEEE की सीनियर मेंबर हैं और IEEE इंटरनेट ऑफ थिंग्स जर्नल के लिए एसोसिएट एडिटर के तौर पर काम करती हैं। इसके अलावा, वह AI और मशीन लर्निंग में लीडिंग जर्नल्स और कॉन्फ्रेंस के लिए एक एक्टिव रिव्यूअर हैं। वह अपने रिसर्च विज़न से जुड़े एरिया में एकेडेमिया और इंडस्ट्री में कोलेबोरेशन का स्वागत करती हैं।

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